जांजगीर-चाम्पा जिले में क्रियाषील जनसंख्या की विशेषताऐं एवं स्थानिक प्रतिरूप

 

सी.पी.नन्द

 

सहायक प्राध्यापक (भूगोल) शास. नवीन कन्या महाविद्यालय, जांजगीर (छ.ग.)

 

 

साराँश

क्रियाशील जनसंख्या से किसी राष्ट्र् का सामाजिक एवं आर्थिक स्तर स्पष्ट होता है। समाज में क्रियाशील जनसंख्या की अधिकता आर्थिक सम्पनता एवं उच्च सामाजिक स्तर को स्पष्ट करता है जबकि न्यूनतम क्रियाशील जनसंख्या का पाया जाना आर्थिक पिछड़ेपन का द्योतक है। जनसंख्या का आर्थिक दृष्टि से क्रियाशील होना ही पर्याप्त नहीं होता अपितु क्रियाशील जनसंख्या की कार्यकुशलता,कार्य का समय और अवधि को भी देखा जाता है। वास्तव में क्रियाशील जनसंख्या की प्रकृति और देश के आर्थिक विकास के मध्य सीधा संबंध होता है।

 

अध्ययन क्षेत्रः-

जांजगीर-चाम्पा जिला छत्तीसगढ़ राज्य के मध्य पूर्व में स्थित है जिसका अक्षांशीय विस्तार 2144उत्तर से 2221 उत्तर एवं देशान्तरीय विस्तार 827पूर्व से 834पूर्व तक है। जिले के उत्तर में कोरबा जिला,उत्तर पूर्व में रायगढ़ जिला, दक्षिण में रायपुर जिला तथा पश्चिम में बिलासपुर जिला स्थित है इसका कुल क्षेत्रफल 3,821 वर्ग कि.मी. है यहां की कुल जनसंख्या 2001 की जनगणना के अनुसार 13,17,431 है जिसमें पुरूषों की संख्या 6,59,388 एवं स्त्रियों की संख्या 6,58,043 है जिले में क्रमशः जांजगीर चाम्पा, पामगढ़, नवागढ़, सक्ती, मालखरौदा, जैजेपुर एवं डभरा कुल 08 तहसील हैं। यहां जन घनत्व 342 व्यक्ति है जो प्रदेश में सर्वाधिक है जिले में अनुूसूचित जातियों का प्रतिशत 22.48 एवं जनजातियों का प्रतिशत 11.62 है। यह राज्य का सर्वाधिक अनुसूचित बाहुल्य जिला है। जिले में साक्षरता का प्रतिशत 65.94 है जिसमें पुरूषों का प्रतिशत 81.82 एवं स्त्रियों का प्रतिशत 50.14 है एवं लिंगानुपात 998 है।

 

अध्ययन के उदेश्यः-

1. जांजगीर-चाम्पा जिले की जनसंख्या की क्रियाशील जनसंख्या का अध्ययन करना है।

2. अध्ययन क्षेत्र के विभिन्न तहसीलों के क्रियाशील जनसंख्या का तुलनात्मक अध्ययन करना है ।

 

आंकड़ो के स्त्रोत एवं विधितंत्रः-

प्रस्तुत शोध पत्र द्वितीयक आंकड़े 2001 के जनगणना पर आधारित है जिसमें जिले के 08 तहसीलों का अध्ययन किया गया है।

क्रियाशील जनसंख्या को निम्न चार उपखंडों में विभाजित किया गया है:-

1. कृषक -

2. कृषक मजदूर -

3. पारिवारिक उद्योग कार्यकता -

4 अन्य कार्यकर्ता -

 

अध्ययन क्षेत्र में क्रियाशील जनसंख्या का प्रतिशत 43.71 है जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में क्रियाशील जनसंख्या का प्रतिशत 45 एवं नगरीय क्षेत्रों में प्रतिशत 32 है। ग्रामीण क्षेत्रों में क्रियाशील जनसंख्या की अधिकता का मुख्य कारण इस जिले में धान की कृषि की प्रधानता है जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में 18 वर्ष से कम एवं 60 वर्ष से अधिक तथा स्त्रियाॅ कृषि कार्यो में लगी होती है। फलतः जिले ग्रामीण क्षेत्रों में क्रियाशील जनसंख्या का प्रतिशत अधिक है।

 

जिले में मुख्य क्रियाशील जनसंख्या का प्रतिशत 71.45 है जिसमेें पुरूषों का प्रतिशत 83.73 एवं स्त्रियों का प्रतिशत 55.38 है जिले के तहसीलों में मुख्य क्रियाशील जनसंख्या नवागढ़ तहसील में अधिकतम 79.93 प्रतिशत है एवं न्यूनतम सक्ती तहसील में 60.05 प्रतिशत है। पुरूष क्रियाशील जनसंख्या में सर्वाधिक 89.11 प्रतिशत पामगढ़ तहसील का एवं सबसे कम सक्ती तहसील का 75.78 प्रतिशत है। स्त्री क्रियाशील जनसंख्या में अधिकतम नवागढ़ तहसील का 69.87 प्रतिशत एवं सक्ती तहसील का न्यूनतम 39.65 प्रतिशत है। जिले के औसत मुख्य क्रियाशील जनसंख्या का प्रतिशत 71.45 से अधिक के अंतर्गत जांजगीर, नवागढ़, चाम्पा एवं पामगढ़ तहसील आते है। जबकि शेष तहसीलों में मुख्य क्रियाशील जनसंख्या का प्रतिशत औसत से कम है।

 

अध्ययन क्षेत्र में व्यावसायिक संरचना के क्षेत्रीय वितरण में असमानता पार्ह जाती है। मुख्य क्रियाशील जनसंख्या में 53.76 प्रतिशत कृषक एवं 25.04 प्रतिशत कृषक मजदूर है। जिले में पुरूष कृषक जनसंख्या का प्रतिशत 52.85 एवं स्त्री कृषक जनसंख्या का प्रतिशत 55.56 है। कृषक मजदूर में पुरूष जनसंख्या का प्रतिशत 20.24 एवं स्त्री जनसंख्या का प्रतिशत 34.55 है। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह जिला कृषि प्रधान है कृषि कार्यों में पुरूषों की अपेक्षा स्त्रियों की भागीदारी अधिक है। स्त्रियां कृषि संबंधी कार्य जैसे, रोपाई, निंदाई, कटाई एवं मिसाई में पुरूषों से अधिक स्िरक्रय रहती है। पारिवारिक उद्योग में जनसंख्या का प्रतिशत 2.68 है जिसमें पुरूष जनसंख्या का प्रतिशत 2.70 एवं स्त्री जनसंख्या का प्रतिशत 2.64 है तथा अन्य व्यवसाय में जनसंख्या का प्रतिशत 18.49 है जिसमें पुरूष जनसंख्या का प्रतिशत 24.19 एवं स्त्री जनसंख्या का प्रतिशत 7.23 है। मुख्य क्रियाशील जनसंख्या के व्यावसायिक संरचना का विश्लेषण 2001 की जनगणना के आधार पर तहसील स्तर पर किया गया है:-

 

1.कृषक:-

भारतीय जनगणना विभाग के अनुसार वे व्यक्ति कृषक है। जो अपनी स्वंय की जमीन,सरकार से पट्टे पर प्राप्त जमीन अथवा किसी दूसरे व्यक्ति या संस्था से बटाई नगद या वस्तु या किराए पर ली गयी भूमि या अन्य प्रकार से प्राप्त जमीन पर या स्वंय खेती करते है या अपने निर्देशन एवं देखरेख में उस भूमि पर खेती करवाते है, परन्तु फल और सब्जी उगाना,बागवानी, या चाय काफी,रबर इत्यादि के पेड़ पौधे लगाना इसमे सम्मिलित नहीं है।

जिले में कुल क्रियाशील जनसंख्या का सर्वाधिक भाग 53.76 प्रतिशत कृषक है जिसमें पुरूष जनसंख्या का प्रतिशत 52.85 एवं स्त्री जनसंख्या का प्रतिशत 55.56 है। नवागढ़ तहसील में कृषक जनसंख्या सर्वाधिक 73.06 प्रतिशत है जिसमें पुरूष जनसंख्या का प्रतिशत 72.80 एवं स्त्री जनसंख्या का प्रतिशत 73.44 है। पामगढ़ तहसील में कृषक जनसंख्या का प्रतिशत 65.91 है जिसमें पुरूष जनसंख्या का प्रतिशत 66.08 है एवं स्त्री जनसंख्या का प्रतिशत 65.14 है। जैजेपुर तहसील में कृषक जनसंख्या का प्रतिशत 63.05 है जिसमें पुरूष जनसंख्या का प्रतिशत 65.14 एवं स्त्री जनसंख्या का प्रतिशत 59.24 है। मालखरौदा तहसील में कृषक जनसंख्या का प्रतिशत 57.30 है जिसमें पुरूष जनसंख्या का प्रतिशत 59.63 एवं स्त्री जनसंख्या का प्रतिशत 53.71 है। चाम्पा, जांजगीर, डभरा, एवं सक्ती तहसील नगरीय क्षेत्र होने के कारण यहां कृषक जनसंख्या जिले की औसत से कम क्रमशः 46.92, 46.56, 44.22, एवं 43.17प्रतिशत है।

 

2.कृषक मजदूर:-

भारतीय जनगणना के अनुसार कृषक मजदूर वे हैं जो दूसरों की स्वामित्व वाली भूमि पर दैनिक, साप्ताहिक, या मासिक मजदूरी कर अपने जीविकोपार्जन का कार्य करते हैं। जिले में कृषक मजदूर जनसंख्या का प्रतिशत 25.05 है जिसमें पुरूष जनसंख्या का प्रतिशत 20.24 एवं स्त्री जनसंख्या का प्रतिशत 34.55 है। डभरा तहसील में कृषक मजदूर जनसंख्या सर्वाधिक 37.19 प्रतिशत है जिसमें पुरूष जनसंख्या का प्रतिशत 32.47 एवं स्त्री जनसंख्या का 20.87 है। मालखरौदा तहसील में कृषक मजदूर जनसंख्या का प्रतिशत 28.80 है जिसमें पुरूष जनसंख्या का प्रतिशत 24.31 एवं स्त्री जनसंख्या का प्रतिशत 39.27 है। जैजेपुर तहसील में कृषक मजदूर जनसंख्या का प्रतिशत 26.00 है जिसमें पुरूष जनसंख्या का प्रतिशत 20.91 एवं स्त्री जनसंख्या 34.71 है। सक्ती, जांजगीर, पामगढ़ एवं नवागढ़ तहसील में कृषक मजदूर जनसंख्या का प्रतिशत क्रमशः 25.26, 25.05, 22.67,एवं 20.12 है। चाम्पा तहसील में कृषक मजदूर जनसंख्या सबसे कम 19.37 प्रतिशत है। इसका प्रमुख कारण पारिवारिक उद्योगों मे लोगों की संलग्नता एवं नगरीय क्षेत्र का प्रभाव है।

 

3.पारिवारिक उद्योग:-

भारतीय जनगणना विभाग के अनुसार पारिवारिक उद्योग वह उद्योग है जो परिवार के मुखिया द्वारा स्वंय और मुख्यतः परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा घर पर या ग्रामीण क्षेत्रों में गांव की सीमा के अन्तर्गत और नगरीय क्षेत्रों में उस मकान के अन्दर या अहाते में जिसमें परिवार रहता है, चलाया जाता है। मुखिया को सम्मिलित करके पारिवारिक उद्योग में अधिकतर कार्यकर्ता परिवार के होने चाहिए। इसके अन्तर्गत हथकरघा से बुनाई, रंगाई, बढ़ईगीरी, बीड़ी बनाना, मिट्टी के बर्तन बनाना, सायकल की मरम्मत, लोहारगीरी, सिलाई आदि आते हैं।

 

अध्ययन क्षेत्र की अधिकांश जनसंख्या का कृषि कार्यों में संलग्न होने से परिवारिक उद्योग में इसका प्रतिशत 2.68 है जिसमें पुरूष जनसंख्या का प्रतिशत 2.70 एवं स्त्री जनसंख्या का प्रतिशत 2.64 है। चाम्पा तहसील में पारिवारिक उद्योग में संलग्न जनसंख्या का प्रतिशत 5.83 है। जिसमें पुरूष जनसंख्या का प्रतिशत 5.68 एवं स्त्री जनसंख्या का प्रतिशत 6.15 है। इसका प्रमुख कारण कोसे कपड़े की बुनाई यहां का प्रमुख कुटीर उद्योग है, कांसे का बर्तन एवं सोने के जेवर बनाने का कार्य भी किया जाता है। डभरा तहसील में पारिवारिक उद्योग में संलग्न जनसंख्या का प्रतिशत 4.33 है जिसमें पुरूष जनसंख्या का प्रतिशत 3.66 एवं स्त्री जनसंख्या का प्रतिशत 5.88 है। सक्ती तहसील में पारिवारिक उद्योग में संलग्न जनसंख्या का प्रतिशत 4.26 है जिसमें पुरूष जनसंख्या का प्रतिशत 4.26 एवं स्त्री जनसंख्या का प्रतिशत 4.20 है। जैजेपुर, जांजगीर, मालखरौदा, पामगढ़ एवं नवागढ़ तहसील में इसका स्तर निम्न है।

4.अन्य कार्यकर्ता:-

इस वर्ग के अन्तर्गत कारखाने एवं बागवानी में काम करने वाले, सरकारी कर्मचारी, निगम के कर्मचारी, अध्यापक, पुजारी, मनोरंजन करने वाले, व्यापारी, वाणिज्य, व्यवसाय, परिवहन, भवन निर्माण के काम करने वाले आदि व्यक्ति आते है। अध्ययन क्षेत्र में कुल क्रियाशील जनसंख्या का 18.49 प्रतिशत जनसंख्या अन्य कार्यों में संलग्न है। जिसमें पुरूष जनसंख्या का प्रतिशत 24.19 एवं स्त्री जनसंख्या का प्रतिशत 7.23 है। जिले की औसत से अधिक चाम्पा का 27.86प्रतिशत, सक्ती 27.86प्रतिशत, एवं जांजगीर तहसील का 26.39 प्रतिशत जनसंख्या अन्य कार्यों में संलग्न है। इसका प्रमुख कारण नगरीय क्षेत्र का होना है। नवागढ़ तहसील में अन्य कार्यों में संलग्न जनसंख्या सबसे कम 6.02 प्रतिशत है।

 

संदर्भ ग्रन्थ सूचीः-

1. जिला सांख्यिकी कार्यालय, जिला- जांजगीर- चाम्पा (छ.ग.)।

2. पूर्वाचंल भूगोल पत्रिका, जन.2002 पृष्ठ क्रं. 17 से 22

3. उत्तर भारत भूगोल पत्रिका जून- दिस. 1999 पृष्ठ क्रं. 21से 30

4. रायगढ़ जिले में जनसंख्या की बदलती व्यावसायिक संरचना अप्रकाशित शोध प्रबंध डाॅं. सी.पी.नन्द ।

5. छत्तीसगढ़ में पहाड़ी कोरवा जनजाति की बदलती व्यावसायिक स्थिति का अध्ययन, जशपुर जिले के विशेष संदर्भ में

 

Received on 25.07.2012

Revised on 05.08.2012

Accepted on 12.08.2012

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Research J. Humanities and Social Sciences. 4(2): April-June, 2013, 148-150