छत्तीसगढ़ में जनजातीय जनसंख्या का स्थानिक प्रतिरूप

ैचंजपंस चंजजमतद िज्तपइंस च्वचनसंजपवद पद ब्ीींजजपेहंती

 

चैतन्य नन्द1 एवं निवेदिता लाल2

1सहायक प्राध्यापक (भूगोल) जाज्वल्यदेव शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय,जांजगीर, छत्तीसगढ

विभागाध्यक्ष - भूगोल विभाग शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय राजनांदगांव (..)

 

 

विश्व में अफ्रीका के बाद भारत में जनजातीय जनसंख्या की अधिकता है भारत मंे अनुसूचित जनजातियों का प्रतिशत 08.01 है छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जनजातियों की कुल जनसंख्या 66,16,596 है जिसमें पुरूष जनसंख्या 32,87,334 एवं स्त्री जनसंख्या 33,29,262 है राज्य की कुल जनसंख्या में अनुसूचित जनजातियों का प्रतिशत 31.76 है राज्य की प्रमुख जनजाति गोंड़ है जिनकी आबादी कुल जनजातियों का 55.3ःहै, अन्य मुख्य जनजातियों में कंवर 11.5ःए उरांव 9.76,एवं हल्बा 4.93 है पहाड़ी कोरवा, बिरहोर एवं पंडो राज्य की विशेष पिछड़ी जनजातियां है इन जनजातियों की अपनी पृथक जीवन शैली एवं परम्परागत संस्कृति है जनजातीय अधिकता के आधार पर छत्तीसगढ़ को जनजातीय बाहुल्य राज्य कहा जा सकता है।

 

अध्ययन क्षेत्रः-

 

छत्तीसगढ़ राज्य प्रायद्वीपीय पठार का एक भाग है भारत के मध्यपूर्व में स्थित छत्तीसगढ़ भारतीय संघ का 26 वां राज्य है जिसका अक्षांशीय विस्तार 17-46 से 24-8 उत्तर एवं देशान्तरीय विस्तार 80-15 से 80-24 पूर्व तक है राज्य के उत्तर में उत्तरप्रदेश, झारखण्ड, उत्तर पूर्व मे झारखण्ड एवं उड़ीसा , दक्षिण मे आन्ध्रप्रदेश,दक्षिण पश्चिम में महाराष्ट्र् ,पश्चिम एवं उत्तर पश्चिम में मध्यप्रदेश राज्य स्थित है धान के कटोरा के नाम से विख्यात छत्तीसगढ़ 1,35,191 वर्ग कि.मी. में विस्तृत है ,2001 की जनगणना के अनुसार राज्य की कुल जनसंख्या 2,08,33,803 है, एवं जन घनत्व 154 व्यक्ति प्रति वर्ग कि.मी. है,राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 44.21: भाग वनों से आच्छादित है, यहां साक्षरता का प्रतिशत 64.76 है एवं लिंगानुपात 989 है।

 

अध्ययन का उदेश्यः-

1 छत्तीसगढ़ में जनजातीय जनसंख्या के स्थानिक प्रतिरूप का अध्ययन करना

 

2.छत्तीसगढ़ में विभिन्न जिलों में जनजातियों के ग्रामीण एवं नगरीय वितरण अंतरता का अध्ययन करना।

 

आंकड़ों के स्त्रोत एवं विधितंत्रः-

प्रस्तुत शोध पत्र द्वितीयक आंकड़े 2001 के जनगणना पर आधारित है जिसमें राज्य के 16 जिलों का अध्ययन किया गया

 

 

 

 

 

ैचंजपंस चंजजमतद िज्तपइंस चवचनसंजपवद

ैत दव क्पेजतपबज ज्वजंस त्नतंस न्तइंद

1. ठंेजंत 66.31 71.60 18.44

2. ठपसंेचनत 19.87 24.22 06.37

3. क्ंदजमूंतं 78.52 82.41 28.58

4. क्ींउजंतप 26.25 28.80 09.56

5. क्नतह 12.41 16.38 05.97

6. श्रंदरहपत.बींउचं 11.62 12.48 04.68

7. श्रंेीचनत 63.24 64.50 37.11

8. ज्ञंदामत 56.08 57.76 22.94

9. ांइपतकींउ 22.86 22.08 06.23

10. ज्ञवतइं 41.50 57.23 13.85

11. ज्ञवतपं 44.35 57.17 14.17

12. डंींेंउनदक 27.03 29.45 08.09

13. त्ंपहंती 35.38 39.09 11.36

14. त्ंपचनत 12.11 15.59 04.14

15. त्ंरदंदकहंवद 26.63 31.01 06.75

16. ैंतहनरं 54.60 57.42 16.78

ब्ीींजजपेहंती 31.76 37.63 08.40

 

कुल अनुसूचित जनजाति जनसंख्या

राज्य में कुल जनसंख्या में अनुसूचित जनजातियों का औसत प्रतिशत 31.76 है जिसमें सर्वाधिक प्रतिशत दन्तेवाड़ा जिला का 78.52 है जो राज्य के औसत से 45.76 अधिक है एवं सबसे कम प्रतिशत जांजगीर-चाम्पा जिला का 11.62 है जो राज्य के औसत से 20.14 कम है

 

1.उच्च सघनता के क्षेत्रः-

उच्च सघनता के क्षेत्र के अन्तर्गत 50 से अधिक अनुसूचित जनजाति जनसंख्या के जिलों को सम्मिलित किया गया है जिसमें दन्तेवाड़ा जिला 78.52, बस्तर जिला 66.31, जशपुर जिला 63.25,कांकेर जिला 56.08, एवं सरगुजा जिला का प्रतिशत 54.60 है। इन जिलों में जनजातीय बहुलता का प्रमुख कारण वनों की अधिकता है जो जनजातियों का प्रमुख आवास स्थल है

 

2.मध्यम सघनता के क्षेत्रः-

मध्यम सघनता के क्षेत्र के अन्तर्गत 25 से 50 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति बाहुल्य वाले जिलों को सम्मिलित किया गया है जिसमें कोरिया जिला 44.35, कोरबा जिला 41.50, रायगढ़ जिला 35.38, महासमुंद जिला 27.03, राजनांदगांव जिला 26.63 एवं धमतरी जिला का प्रतिशत 26.25 है इन जिलों में सघनता का प्रमुख कारण मैदानी क्षेत्र एवं अन्य गैर जनजातियों की बाहुल्यता है

 

3.निम्न सघनता के क्षेत्रः-

निम्न सघनता क्षेत्र के अन्तर्गत 25 प्रतिशत से कम अनुसूचित जनसंख्या के जिलों को सम्मिलित किया गया है जिसमें कवर्धा जिला 22.86 बिलासपुर जिला 19.97 दुर्ग जिला 12.41 रायपुर जिला 12.11 एवं जांजगीर-चाम्पा जिला का प्रतिशत 11.62 है इन जिलों में निम्न सघनता का प्रमुख कारण मैदानी क्षेत्र एवं अनुसूचित जाति जनसंख्या की अधिकता होना है

ग्रामीण अनुसूचित जनजाति जनसंख्या

राज्य में ग्रामीण अनुसूचित जनजाति जनसंख्या का औसत प्रतिशत 37.63 है जिसमें सर्वाधिक प्रतिशत दन्तेवाड़ा जिला का 82.41 है एवं न्यूनतम प्रतिशत जांजगीर-चाम्पा जिला का 12.48 है

 

1.उच्च सघनता के क्षेत्रः-

उच्च सघनता के क्षेत्र के अन्तर्गत 50 से अधिक ग्रामीण जनजाति के जनसंख्या के जिलों को सम्मिलित किया गया है जिसमें दन्तेवा़ड़ा जिला 82.41, बस्तर जिला 71.60,जशपुर जिला 64.50, कांकेर जिला 57.76, सरगुजा जिला 57.42, कोरबा जिला 57.23 एवं कोरिया जिला का प्रतिशत 57.17 है इन जिलों में ग्रामीण जनजाति जनसंख्या की उच्च सघनता का प्रमुख कारण ग्रामीण है तथा नगरीय जनसंख्या की कमी है

 

2.मध्यम सघनता के क्षेत्रः-

मध्यम सघनता क्षेत्र के अन्तर्गत 25 से 50 अनुसूचित जनजाति बाहुल्य जिलों को सम्मिलित किया गया है जिसमें रायगढ़ जिला 39.09,राजनांदगांव जिला 31.01, महासमुंद जिला 29.45,एवं धमतरी जिला का प्रतिशत 28.80 है इन जिलों में ग्रामीण जनजाति जनसंख्या की मध्यम सघनता का प्रमुख कारण मैदानी भागो का पाया जाना है

 

3.निम्न सघनता के क्षेत्रः-

निम्न सघनता क्षेत्र के अन्तर्गत 25 प्रतिशत से कम ग्रामीण जनजाति जनसंख्या के जिलों को सम्मिलित किया गया है जिसमें बिलासपुुर जिला 24.22,कवर्धा जिला 22.08,दुर्ग जिला 16.38, रायपुर जिला 15.59 एवं जांजगीर- चाम्पा जिला का प्रतिशत 12.48 है इन जिलों में ग्रामीण जनजाति जनसंख्या की निम्न सघनता का प्रमुख कारण नगरीकरण एवं गैर जनजाति जनसंख्या की अधिकता होना है।

 

नगरीय अनुसूचित जनजाति जनसंख्या

राज्य में नगरीय जनजाति जनसंख्या का औसत प्रतिशत 08.40 है जिसमें सर्वाधिक प्रतिशत जशपुर जिला का 37.11 एवं न्यूनतम प्रतिशत 04.14 रायपुर जिला का है

 

1.उच्च सघनता के क्षेत्रः-

उच्च सघनता के क्षेत्र के अन्तर्गत 25 से अधिक नगरीय जनसंख्या बाहुल्य जिलों को सम्मिलित किया गया है जिसमें जशपुर जिला का 37.11 एवं दन्तेवाड़ा जिला का 28.58 है यहां उच्च सघन नगरीय जनसंख्या पाये जाने का प्रमुख कारण लोगों का तृतीयक व्यवसाय में संलग्नता एवं जनजाति बाहुल्य होना है।

 

 

 

 

2.मध्यम सघनता के क्षेत्रः-

मध्यम सघनता के क्षेत्र के अन्तर्गत 15 से 25: नगरीय जनसंख्या के जिलों को सम्मिलित किया गया है जिसमें कांकेर जिला 22.94, बस्तर जिला 18.44ःएवं सरगुजा जिला का प्रतिशत 16.78 है

 

3.निम्न सघनता के क्षेत्रः-

निम्न सघनता के क्षेत्र के अन्तर्गत 15 से कम नगरीय जनसंख्या के जिलो को सम्मिलित किया गया है जिसमें कोरिया जिला 14.17,कोरबा जिला 13.85, रायगढ़ जिला 11.36, धमतरी जिला 09.56, महासमुंद जिला 08.09ःराजनांदगांव जिला 06.75ःकवर्धा जिला 06.23, दुर्ग जिला 05.97, जांजगीर-चाम्पा जिला 04.ःएवं रायपुर जिला का प्रतिशत 04.14 है। इन जिलों में नगरीय जनजाति जनसंख्या की न्यूनता का प्रमुख कारण गैर जनजनजातीय क्षेत्र का होना है

 

निष्कर्षः-

उपरोक्त तालिका के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि छत्तीसगढ़ राज्य में जनजातियों का प्रतिशत 31.76 है जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों मे जनजातियों का प्रतिशत 37.63 है एवं नगरीय क्षेत्रों में जनजातियों का प्रतिशत 08.40 है ग्रामीण क्षेत्रों में जनजातियों की अधिकता है जिसका मूल कारण छत्तीसगढ़ गांवो का प्रदेश है राज्य का 44.21 भूभाग वनों से आच्छादित है जो जनजातियों का निवास स्थल है जनजातियों के जीवन का आधार वन है

 

सहायक ग्रन्थः-

1. तिवारी विजय कुमार छत्तीसगढ़ की जनजातियां

2. कुमार प्रमीला छत्तीसगढ़ का भौगोलिक अध्ययन

3. उत्प्रेती हरिश्चन्द्र भारतीय जनजातियां

4. शर्मा ब्रम्हदेव, आदिवासी विकास

5- Census of India 2001 Population profiles.

6. Census of Chhattisgarh 2001.

 

 

Received on 06.02.2012

Revised on 25.02.2012

Accepted on 09.03.2012

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Research J. Humanities and Social Sciences. 3(1): Jan- March, 2012, 92-94